बी. डी. कॉलेज, पटना के संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग में इंडक्शन मीट का आयोजन
बी. डी. कॉलेज, पटना के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग में 27 जुलाई, 2026 को स्नातक (सत्र 2026–30) के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन मीट का आयोजन किया गया। इसके ज़रिए विद्यार्थियों को महाविद्यालय एवं विभागीय वातावरण से परिचित कराया गया। इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शैक्षणिक व्यवस्था की जानकारी दी गई। और नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. दिवाकर प्रसाद ने आशीर्वचन से विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने नियमित रूप से महाविद्यालय आने, अनुशासन एवं समयबद्धता के साथ अध्ययन करने तथा उच्च शिक्षा को व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने आगे कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, चरित्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने का केंद्र है।

इस दौरान मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता तिवारी ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम संरचना, क्रेडिट प्रणाली, सतत् मूल्यांकन तथा बहुआयामी शिक्षा की अवधारणा से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों से जिज्ञासु, आत्मविश्वासी एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनी शैक्षणिक यात्रा प्रारम्भ करने का आह्वान किया।
विभागाध्यक्ष नीतू तिवारी ने स्वागत संबोधन में सभी अतिथियों एवं नवप्रवेशित विद्यार्थियों का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने विभाग की शैक्षणिक परंपरा, पाठ्यक्रम, अध्ययन पद्धति एवं नियमित कक्षाओं के सामने रखा। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित एवं निरंतर अध्ययन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विषय में उपलब्ध विविध रोज़गार एवं शोध की संभावनाओं, जैसे पुरातत्त्व, संग्रहालय, अभिलेखागार, विरासत संरक्षण, पर्यटन, अकादमिक एवं शोध संस्थानों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी भी दी।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य शिक्षकगण डॉ. वीरेंद्र मंडल (दर्शनशास्त्र विभाग), डॉ. राजीव कुमार (दर्शनशास्त्र विभाग), डॉ. राजीव कुमार (राजनीति शास्त्र विभाग) भी उपस्थित थे। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए महाविद्यालयीन जीवन, शैक्षणिक अनुशासन एवं सक्रिय सहभागिता के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
विभागाध्यक्ष नीतू तिवारी के धन्यवाद ज्ञापन से कार्यक्रम का समापन हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नवप्रवेशित विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, परिश्रम और अनुशासन के बल पर विभाग एवं महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को ऊंचाइयां प्रदान करेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट दूसरा मत
