August 30, 2026

Doosra Mat

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साहित्य

ग़ज़ल 1   आज की ये है कैसी ग़ज़ल देखो लिखके तो ऐसी ग़ज़ल   नाम दुश्यंत का आता है कम से कम लिख लो...

1. चराग़ करता है सफ़र अंधेरे तक मगर ये प्यार जागता सवेरे तक   चमन भी उजड़ा उजड़ा दिख रहा है अब ख़िज़ाँ पहुंची आज...

ग़ज़ल ए आर आज़ाद   जश्न मनाएं ये भी गर्दन झुका कर तोड़ा गया आपको क़स्दन झुका कर गोरों ने लूटा था तो ऐसे ही...

सम्मान में आयोजित हुआ सावन-महोत्सव कवयित्री सम्मेलन साहित्य सम्मेलन में बरसा सावन कवयित्रियों ने की शब्द- रस-वर्षा आनंदित होकर झूमते भीगते रहें श्रोता   पटना,...

अंतिम दिन भी किसी प्रत्याशी ने नामांकन नही भरा दोनों दिन केवल डा सुलभ ने भरे पर्चे  26 जुलाई यानी रविवार को आगामी कार्यकाल के...

संपादकीय