सूचना अधिकार का कमाल
रेलवे पुलिस ने कब्जा किए मंदिर के बगल की अनधिकृत झोपड़ी को किया जमींदोज
आस्था के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर निजी घर बनाकर पूरे परिवार को बसाने वाले मंदिर के पुजारी को सूचना अधिकार के तहत सोनपुर रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के आदेश पर अनधिकृत रूप से बनाए गए मकान एवं मंदिर के दीवार को ध्वस्त कर दिया गया।
मामला पूर्व मध्य रेलवे बरौनी जंक्शन के रेलवे सुरक्षा बल के बैरक नंबर 2 से सटे पश्चिम की बताई जाती है।
गैर मजरूआ एवं सरकारी जमीन को कब्जा करना इन दिनों प्राथमिकता में है। चाहे वह रेलवे की जमीन हो, या बिहार सरकार की, उसे मंदिर के नाम पर कब्जा करो, ईश्वर के आस्थावान लोगों से चंदा करो, मंदिर बनाओ, और उसके सहारे व्यवसाय कर मौज करो। लेकिन आखिर कब तक।
बताया जाता है कि बेगूसराय जिले के बरौनी नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न रोड किनारे बिहार सरकार की जमीन एवं रेलवे के जमीन पर अवैध कब्जा करके कोई मंदिर के नाम पर, तो कोई अपना बिल्डिंग बनाकर, दुकान सजाकर मालामाल हो रहा है। बताया जाता है कि मंदिर के नाम पर अपना झुग्गी झोपड़ी खड़ा करने वाले को प्रशासन मंदिर या अवैध घर को हटाने का फरमान जारी करता ,है तो फिर ईश्वर के प्रति आस्था बान लोगों के सहारे मंदिर बचाने के लिए हवा बनाई जाती है। और प्रशासन पर मंदिर हटाए जाने का आरोप लगता है।

बताया जाता है कि बीते दिनों एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने 15 जनवरी, 2026 को केंद्रीय लोग सूचना पदाधिकारी के वरिष्ठ मंडल इंजीनियर समन्वय सोनपुर को एक आरटीआई आवेदन देकर बरौनी जंक्शन रेल परिसर के मुख्य टिकट घर परिसर से पूर्व रेलवे सुरक्षा बल बैरक नंबर 2 से सटे पश्चिम रेलवे आरपीएफ में कार्यरत एक हवलदार के निर्मित हनुमान मंदिर में समस्तीपुर जिला के मोहद्दीनगर के ग्रामीण इलाकों के रहने वाले सुगा बाबा के नाम से चर्चित एक पंडित जो लगभग दशकों पूर्व से सुगा पंछी के जरिए लोगों को भाग्य बताकर उनसे अपनी रोजी-रोटी चलाते थे। फिर उन्होंने आरपीएफ के हवलदार के बनाए गए रेलवे के जमीन में हनुमान मंदिर में पूजा पाठ करना प्रारंभ कर दिया। और फिर धीरे-धीरे अपनी पत्नी, तीन बेटे उनके बच्चे को मंदिर के बगल में झुगी झोपड़ी नुमा घर बनाकर रहने लगे। और उसके बगल में एक छोटा सा शौचालय भी बना लिया। जिसकी गंदगी से लोग परेशान होने लगे। नतीजे में मुख्य टिकट घर परिसर एवं यात्रियों तक को घोर कठिनाइयों का सामना करने को मजबूर होना पड़ा। जिसकी चर्चा स्थानीय एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने सर्वेक्षण उपरांत 15 जनवरी, 2026 को केंद्रीय लोक सूचना पदाधिकारी सब वरिष्ठ मंडल इंजीनियर समन्वय सोनपुर को एक आरटीआई आवेदन देकर रेल परिसर के मुख्य टिकट घर से टिकट लेकर रेल की यात्रा करने वाले यात्रियों के संबंध में सूचना देने का आवेदन प्रेषित किया। जिसके आलोक में मंडल इंजीनियर मुख्यालय सोनपुर में बरौनी आरपीएफ वैरक संख्या 2 के पश्चिम बरसों से अवस्थित झुकी झोपड़ी को अभिलंब हटाए जाने का आदेश पारित कर दिया। ताकि रेल से दूर सफर को जाने वाले यात्रियों को उक्त दुर्गंध से बचाया जा सके। जिसकी सूचना आरटीआई एक्टिविस्ट को भी 9 फरवरी, 2026 को अपने पत्र के पत्रक संख्या 68 दिनांक 2226 के माध्यम से उपलब्ध कराया गया।
रेलवे मंडल सोनपुर से आदेश मिलते ही स्थानीय बरौनी रेलवे के संबंधित अधिकारियों ने मंदिर पर चिपका दिया। बताया जाता है कि इसमें 15 फरवरी, 2026 तक उक्त अवैध झुग्गी झोपड़ी को हटा लेने का आदेश पारित किया गया था। लेकिन दिए गए समय के अनुसार आदेश का पालन नहीं करने के आलोक में 11 दिन बाद 27 फरवरी, 2026 को स्थानीय रेलवे प्रशासन ने बुलडोजर के माध्यम से अवैध झुग्गी झोपड़ी सहित मंदिर के छज्जे तक को हटा दिया। यानी ध्वस्त कर दिया। सिर्फ हनुमान जी की प्रतिमा खड़ी रह गई।
बताया जाता है कि इस कार्यवाही के उपरांत सुगा बाबा ने एक पेड़ के नीचे अपना स्थान ग्रहण कर लिया है।
ब्यूरो रिपोर्ट बेगूसराय
