पहले चरण ने कहा, दीदी की वापसी

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ए आर आज़ाद

 

पश्चिम बंगाल के आठ चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर होने वाले प्रथम चरण के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। 79.79 प्रतिशत वोटिंग हुई है। इसे बंपर वोटिंग कही जा रही है। और इस बंपर वोटिंग के बाद चर्चा गरम है कि आखिर इस बंपर वोटिंग का लाभ किसे मिलेगा। कुछ लोगों को अंदेशा है कि इस बंपर वोटिंग का सीधा असर ममता बनर्जी पर पड़े और इसका लाभ बीजेपी को मिल जाए।

लेकिन पश्चिम बंगाल का इतिहास बताता है कि वहां बंपर वोटिंग सत्तापक्ष की वापसी की निशानी होती है। जब-जब बंपर वोटिंग होती तो सत्ताधारी दल की वापसी होती है। यानी जनता उन्हें फिर से पांच साल तक शासन करने का एक मौका देती है। यही और इसी तरह का मौका पश्चिम बंगाल की जनता, पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने ममता बनर्जी को दी है। यानी इस पहले फेज के मतदान ने साबित कर दिया है कि ममता बनर्जी की वापसी हो रही है। यानी ममता बनर्जी बहुत ही अच्छी स्थिति में आ रही हैं और यह अच्छी स्थिति उनकी महिलाओं पर पकड़ से बनी है।

दरअसल पश्चिम बंगाल की महिलाएं ममता बनर्जी को सम्मानजनक मुख्यमंत्री के तौर पर देखती हैं। और उन्होंने घर से बूथ निकलकर जमकर वोटिंग करते हुए तृणमूल कांग्रेस को मजबूत करने और ममता बनर्जी को फिर से मुख्यमंत्री का ताज पहनाने की कोशिश और कवायद में जुटी हुई हैं। महिलाओं की यही सोच और कवायद ममता बनर्जी के लिए वरदान साबित हो रहा है।

इस बार का विधानसभा चुनाव आठ चरणों में संपन्न् होने जा रहा है। इससे पहले 2016 में पश्चिम बंगाल में छह चरणों में मतदान हुए थे। तब भी बंपर वोटिंग हुए थे। और उस बंपर वोटिंग में ममता बनर्जी ने अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखा था। और इस बार की वोटिंग प्रतिशत भी यही कहानी कह रही है। यानी ममता बनर्जी फिर से एकबार शासन करने जा रही है। जनता ने उनपर एक बार फिर से भरोसा जताने जा रही है।

पहले फेज के 30 सीटों के मतदान पर नजर डाले तो ममता बनर्जी यानी तृणमूल कांग्रेस 13 से 23 सीटें ला सकती है। वहीं बीजेपी को 0 से 9 सीटें मिल सकती हैं। सीपीआई को 0-3 सीटें और कांग्रेस को 1-5 सीटें मिलने की संभावना है। लेकिन यह संभावनाएं नतीजे में किस तरह बदलेंगे इसका इंतजार 2 मई तक स्वाभाविक रूप से करना लाजमी है।