2 मई को क्या शुभेंद्रु अधिकारी राजनीति से संन्यास ले लेंगे, एक बड़ा सवाल

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ए आर आज़ाद

 

असम और पश्चिम बंगाल में दूसरे फेज का चुनाव संपन्न हो गया। पश्चिम बंगाल में 80.43 प्रतिशत मतदान हुआ। और पश्चिम बंगाल के सबसे लोकप्रिय सीट नंदीग्राम में 80.79 प्रतिशत वोटिंग हुई। असम में 73.3 प्रतिशत मतदान हुआ जो बंगाल से लगभग सात प्रतिशत कम मतदान है। नंदीग्राम में बीजेपी के उम्मीदवार शुभेंद्रु अधिकारी और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच मुकाबला होने की वजह से यह सीट दुनिया भर में चर्चित हो गई।

दूसरे फेज के हुए मतदान में ममता बनर्जी ने अपने विधानसभा क्षेत्र नंदीग्राम में बीजेपी के कारनामों की पोल खोलकर रख दी। उन्होंने बीजेपी को रंगे हाथ पकड़ते हुए ऐलानिया कहा कि सुबह से ही हमारे वोटरों को रोका गया। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उनके समर्थकों के साथ मारपीट की गई। उन्होंने चुनाव आयोग के सामने एक सवालिया निशान खड़ा करते हुए कहा कि ठीक चुनाव के दिन देश का कोई भी प्रधानमंत्री कैसे चुनाव प्रचार कर सकता है। जाहिर है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष है तो उसे प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के सामने अबतक 63 शिकायतें दर्ज करा चुकी हैं। उन्होंने अपनी जीत के प्रति पूरे आश्वस्त होते हुए कहा कि मैं मां, माटी और मानुष के आशीर्वाद से नंदीग्राम से चुनाव जीत रही हूं।

ममता बनर्जी के खिलाफ नंदीग्राम से चुनाव लड़ने वाले शुभेन्द्रु अधिकारी के चाल, चरित्र और चेहरा को समझना है तो उनके दो बयानों पर गौर कीजिए। उनके चरित्र का असली रूप आपके सामने आ जाएगा। जब शुभेंद्रु अधिकारी ममता बनर्जी के साथ थे तो उन्होंने ममता बनर्जी के बारे में कहा था,- ‘’ममता बनर्जी ने जंगलमहल में क्रांति ला दी है। दिल्ली से आने वाले लोग बाहरी हैं। बंगाल में अगले पचास वर्षों तक कोई तृणमूल कांग्रेस को हरा नहीं सकता। अब एक बार फिर केंद्र में गैर-बीजेपी सरकार नेतृत्व करने का मौका एक बंगाली महिला ममता बनर्जी के सामने है।‘’

लेकिन यही शख्स जब दिसंबर में तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी की गोद में बैठता है तो बीजेपी की भाषा बोलने लगता है। बीजेपी के तोता शुभेंद्रु अधिकारी कहते हैं कि ममता बनर्जी ने नंदीग्राम और जंगलमहल विकास के लिए कुछ नहीं किया। मैंने नंदीग्राम में अगर उनको कम से कम पचास हजार वोटों के अंतर से नहीं हराया तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा।