काव्य-संग्रह ‘अंतर्द्वंद्व’ का लोकार्पण

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साहित्य सम्मेलन की ओर से आयोजित समारोह में श्रीमती बगड़िया के काव्य-संग्रह ‘अंतर्द्वंद्व’ के लोकार्पण के मौके पर अध्यक्षीय संबोधन में, सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कहा कि अंतर्द्वंद्व’पुस्तक में कवयित्री की 46 कविताएं संकलित हैं। ये सारी कविताएं जीवन के सभी रूप-रंगों को अपने भावों में समेटती हुई नजर आती है।

रविवार 9 जुलाई को काव्य-संग्रह ‘अंतर्द्वंद्व’ का पटना में लोकार्पण हुआ। साहित्य सम्मेलन की ओर से आयोजित समारोह में श्रीमती बगड़िया के काव्य-संग्रह ‘अंतर्द्वंद्व’ के लोकार्पण के मौके पर अध्यक्षीय संबोधन में, सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने कहा कि अंतर्द्वंद्व’पुस्तक में कवयित्री की 46 कविताएं संकलित हैं। ये सारी कविताएं जीवन के सभी रूप-रंगों को अपने भावों में समेटती हुई नजर आती है।

समारोह का उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश तथा उपभोक्ता संरक्षण आयोग, बिहार के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय कुमार ने किया। इस अवसर पर हिन्दी और भोजपुरी के वरिष्ठ कवि भगवती प्रसाद द्विवेदी भी मौजूद थे।

समारोह के मुख्य अतिथि और सुप्रसिद्ध समाजसेवी पद्मश्री विमल जैन ने अपने संबोधन में कहा कि डौली जी की काव्य-प्रतिभा ने मुझे काफी प्रभावित किया है।

इस अवसर पर सम्मेलन के उपाध्यक्ष डा शंकर प्रसाद, समारोह के विशिष्ट अतिथि और अवकाश प्राप्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश जी रतेरिया, वरिष्ठ साहित्यकार तनसुख लाल बैद, डा पूनम आनन्द, चंदा मिश्र एवं लेखिका के पति अनिल कुमार बगड़िया ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर आयोजित कवि-सम्मेलन में वरिष्ठ कवि बच्चा ठाकुर, शायरा तलत परवीन, जय प्रकाश पुजारी, कुमार अनुपम, मधुरानी लाल, शुभचंद्र सिन्हा, डा शालिनी पाण्डेय, प्रो सुनील कुमार उपाध्याय, श्रीकांत व्यास, ई अशोक कुमार, डा विद्या चौधरी, इंदु उपाध्याय, रेखा भारती, नीतू चौहान, डा सुषमा कुमारी, अर्जुन प्रसाद सिंह, महेश कुमार मिश्र ‘मधुकर’, सिद्धेश्वर, चंदा मिश्र, डा कुन्दन लोहानी, अश्विनी कविराज आदि ने अपनी रचनाओं से आयोजन को खुशनुमा बनाया।

समारोह में सम्मेलन के अर्थ मंत्री प्रो सुशील कुमार झा, बाँके बिहारी साव , डा नागेश्वर प्रसाद यादव, कृष्ण कुमार बगड़िया, सुयश बगड़िया, पीयूष बगड़िया, पूनम बगड़िया, सत्चित, सौम्या , मुकुंद समेत बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे। मंच का संचालन कवि ब्रह्मानन्द पाण्डेय एवं धन्यवाद-ज्ञापन कृष्ण रंजन सिंह ने किया।

दूसरा मत ब्यूरो, पटना