अंगदान मानवता की सबसे महान सेवा : प्रो. (डॉ ) सीता सिन्हा
मानवता, संवेदना एवं जीवन के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक अंगदान : प्रो. (डॉ) शैलजा सिन्हा
पटना के रामकृष्ण द्वारिका कॉलेज के जंतु विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान विभाग ने 13 अगस्त,2026 को साझे तौर पर विश्व अंगदान दिवस मनाया। इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
अपने अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य प्रो. (डॉ ) सीता सिन्हा ने अंगदान को मानवता की सबसे महान सेवा बताया। उन्होंने कहा कि हमारा किया गया अंगदान जरूरतमंद को नया जीवन देता है।

संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ) शैलजा सिन्हा ने अपने स्वागत संबोधन में अंगदान को मानवता, संवेदना एवं जीवन के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बताया। इस कार्यक्रम में कार्यक्रम की समन्वयक डॉ भावना सिंह, जंतु विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ नवीन कुमार, वनस्पति विज्ञान के विभागाध्यक्ष सह–समन्वयक डॉ सुनीता कुमारी, जंतु विज्ञान की सहायक प्राध्यापक आदि ने अपने विचारों से स्पष्ट किया कि किन– किन अंगों का, कितने समय तक और कितने उम्र तक अंगदान किया जा सकता है। इन वक्ताओं ने इससे जुड़ी भ्रांतियों पर भी प्रकाश डाला। तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ सुनीता कुमारी, डॉ रंजन कुमार एवं डॉ सरिता कुमारी ने प्रिया रानी को प्रथम, आँचल कुमारी को द्वितीय एवं राज सिंघानिया को तृतीय स्थान के लिए चयन किया।

शिक्षकों में डॉ अमर कुमार, डॉ मुकेश कुमार राय, डॉ सुबोध चौधरी, डॉ स्मिता वैदेही, डॉ प्रशांत कुमार,डॉ हरजीत कुमार, डॉ सुशील कुमार एवं डॉ राजीव रंजन आदि उपस्थित थे।
