बी.डी. कॉलेज में गुरु पूर्णिमा पर भारतीय मनोविज्ञान दिवस का आयोजन
भौतिकी विभाग में दीक्षांत समारोह
29 जुलाई, 2026 को बी डी कॉलेज पटना में दो कार्यक्रम आयोजित हुए। यहां भौतिकी विभाग में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रो दिवाकर प्रसाद ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
एमएससी भौतिकी की परीक्षा इस वर्ष संपन्न हुई थी। छात्रों ने बहुत ही उम्दा प्रदर्शन किया।अधिकांश छात्रों ने विशेषज्ञता के साथ स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की। प्राचार्य डॉ प्रसाद ने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की। और आगे पढ़ाई जारी रखने की सलाह दी।

भौतिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ अनिल कुमार ने छात्रों से कहा कि आप विभाग से जुड़े रहे, आप CSIR कम्प्लीट कर मेरे विभाग से पी एच डी करें। इस अवसर पर उन्होंने हर तरह की सुविधा मिलने का भरोसा भी जताया।
इस अवसर पर प्राचार्य ने छात्रों को उनका अंक पत्रक एवं लघु शब्द पत्र की एक कॉपी दी। डॉ विनोद कुमार एवं डॉ निखिला नंद ठाकुर की उपस्थिति छात्रों के लिए उत्साह वर्धक रहा। विभागाध्यक्ष ने सभी उपस्थित महानुभावों का धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
दूसरा कार्यक्रम बी.डी. कॉलेज, पटना के मनोविज्ञान विभाग की ओर से आयोजित किया गया। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भारतीय मनोविज्ञान दिवस का दो दिवसीय आयोजन 28 एवं 29 जुलाई, 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) दिवाकर प्रसाद के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम का संचालन मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता तिवारी के नेतृत्व में तथा डॉ. सीमा कुमारी, समन्वयक, काउंसलिंग सेल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस 28 जुलाई को प्रातः 11:00 बजे से 12:00 बजे तक भारतीय मनोविज्ञान विषयक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारतीय मनोवैज्ञानिक चिंतन, गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा आधुनिक मनोविज्ञान से संबंधित प्रश्नों का उत्साहपूर्वक उत्तर दिया। प्रतियोगिता में अभिराज कुमार ने प्रथम, संजना कुमारी ने द्वितीय तथा रश्मि कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
दूसरे दिन 29 जुलाई को प्रातः 11:00 बजे से 1:00 बजे तक पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने भारतीय मनोविज्ञान, मानसिक स्वास्थ्य, आत्मबोध, योग, ध्यान एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित आकर्षक एवं संदेशपरक पोस्टरों का निर्माण कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में कुमार गौरव प्रथम, रानी कुमारी द्वितीय तथा सोनम प्रिया तृतीय स्थान पर रहीं।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. (डॉ.) दिवाकर प्रसाद ने कहा कि भारतीय मनोविज्ञान केवल एक अध्ययन का विषय नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, सकारात्मक एवं मूल्यपरक बनाने की एक सशक्त जीवन-दृष्टि है। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पक्ष को समझने तथा अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता तिवारी ने कहा कि भारतीय मनोविज्ञान दिवस का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी समृद्ध मनोवैज्ञानिक विरासत से जोड़ना तथा उनमें अनुसंधान, नवाचार एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करना है। डॉ. सीमा कुमारी, समन्वयक, काउंसलिंग सेल ने भारतीय मनोविज्ञान के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए सभी विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसी शैक्षणिक एवं सृजनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बिनोद कुमार, डॉ. एन. एन. ठाकुर, वरीय शिक्षक, समाजशास्त्र विभाग और महविद्यालय के बर्सर डॉ. आमित कुमार ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत मे प्राचार्य महोदय के द्वारों सभी विजेताओ को पुरस्कृत किया गया।
ब्यूरो रिपोर्ट दूसरा मत
