इक़रार

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शाश्वत कृष्णा

प्यार,

इश्क़,

और  मोहब्बत

कहानियों में सुना

इश्क़

कभी हुआ ना था,

इश्क़ के जुनून में

ख़ुद

एक किस्सा बुना

बेइंतहां

मोहब्बत का

जब

इक़रार किया,

बच्चा कहकर

इस इश्क़ को दरकिनार कर दिया गया

हैं तो हम परिपक्व

पर,

आपसे

मोहब्बत बचपना सी है

ये बचपना

हमने

आजीवन स्वीकार किया…..