ऑफस्क्रिप्ट विद आईआईएम जम्मू: युवा टेल्स के तहत सीएलयूजे में “उद्यमिता के मूलभूत सिद्धांत” पर कार्यशाला
क्लस्टर यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू (सीएलयूजे) ने “उद्यमिता के मूलभूत सिद्धांत” विषय पर क्लस्टर स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। “ऑफस्क्रिप्ट विद आईआईएम जम्मू: युवा टेल्स” शीर्षक वाली यह प्रमुख पहल भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू के सहयोग से आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन जम्मू स्थित जीजीएम साइंस कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमशील मानसिकता विकसित करना था। साथ ही उन्हें नौकरी तलाशने वालों से नौकरी सृजित करने वालों में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित करना था। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को उद्यम स्थापित करने की आवश्यक प्रक्रियाओं से परिचित कराया गया, जिसमें वास्तविक जीवन से जुड़े समस्यात्मक विषयों को समझना, विचारों पर चर्चा एवं उनका सत्यापन, व्यवहार्य व्यावसायिक योजनाओं का विकास तथा सह-संस्थापकों के साथ उद्यम की व्यवहार्यता का आकलन करना शामिल था।
कार्यशाला का उद्घाटन क्लस्टर यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू के माननीय कुलपति प्रो. के. एस. चंद्रशेखर ने किया। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के प्रतिष्ठित अतिथियों तथा आईआईसी समन्वयकों की उपस्थिति रही, जिनमें प्रो. अमितपाल कौर, डॉ. भारती सलाथिया, डॉ. आशु मनहास, डॉ. अर्जुन कोतवाल, सुश्री गरिमा सलगोत्रा, डॉ. बनारसी लाल, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. बिप्लब कुमार मैती तथा डॉ. अवतार चंगोत्राशामिल थे।
आईआईएम जम्मू के मुख्य नवाचार अधिकारी डॉ. विवेक शर्मा ने कार्यशाला में मुख्य संसाधन व्यक्ति के रूप में प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के क्षेत्र में अपने बहुमूल्य अनुभव एवं विशेषज्ञता को प्रतिभागियों के साथ साझा किया।
इस अवसर पर क्लस्टर यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू के माननीय कुलपति प्रो. के. एस. चंद्रशेखर ने युवाओं में उद्यमशील क्षमताओं के विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल नवाचार एवं आत्मनिर्भरता की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यमिता को एक व्यवहार्य एवं संतोषजनक करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आईआईएम जम्मू के साथ सहयोग की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यशाला विचारों को सतत एवं व्यवहार्य उद्यमों में परिवर्तित करने के लिए उत्प्रेरक का कार्य करेगी।
आईआईएम जम्मू के मुख्य नवाचार अधिकारी डॉ. विवेक शर्मा एवं उनकी टीम का कार्यक्रम के दौरान गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। डॉ. शर्मा ने उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र के संबंध में अपने विचार साझा किए तथा विद्यार्थियों से पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे बढ़कर उद्यम निर्माण की व्यापक संभावनाओं को तलाशने का आह्वान किया।
जीजीएम साइंस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रोमेश कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों में उद्यम सृजन की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अपना सहयोग प्रदान किया। वहीं, सीएलयूजे की निदेशक, विस्तार एवं आउटरीच, डॉ. शफिया सलीम ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और विद्यार्थियों में उद्यमशील क्षमताओं के विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रेविका अरोड़ा ने किया, जबकि कैडेट मनवी डबगोत्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
