सभागार की सार्थकता संगोष्ठियां सिद्ध करेंगीं: उपेन्द्र प्रसाद सिंह
यह सेमिनार हॉल ज्ञान, विचार और संवाद का केंद्र बनेगा : प्राचार्य प्रो. दिवाकर प्रसाद
बी. डी. कॉलेज में सभागार का उद्घाटन
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति उपेन्द्र प्रसाद सिंह ने किया उद्घाटन
साथ ही पूर्व प्राचार्य प्रो. रत्ना अमृत को दी गई विदाई
बी. डी. कॉलेज, पटना में 20 अगस्त 2026 को बिहार BSPTCL, पटना की CSR योजना के अंतर्गत जीर्णोद्धारित सभागार का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही साथ कॉलेज की पूर्व प्राचार्य प्रो. रत्ना अमृत को विदाई भी दी गई। ग़ौरतलब है कि प्रो.रत्ना अमृत ए एन कॉलेज पटना की प्राचार्य बनी हैं।

इस कार्यक्रम में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति उपेन्द्र प्रसाद सिंह, समाज विज्ञान संकाय के डीन प्रो. अरुण कुमार सिंह,गंगा देवी महिला कॉलेज की प्राचार्य प्रो. श्यामा रॉय, राम कृष्ण द्वारका कॉलेज की प्राचार्य प्रो. सीता सिन्हा एवं प्रो. राम किशोर सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
समारोह में अपने संबोधन में कुलपति उपेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि प्रो. रत्ना अमृत का बी. डी. कॉलेज की प्राचार्य के तौर पर कार्यकाल अप्रतिम रहा है। उन्होंने सभागार के जीर्णोद्धार में उनकी मुख्य भूमिका को रेखांकित भी किया। उन्होंने आगे कहा कि यह सभागार तभी सार्थक होगा, जब यहां ज्ञान के प्रसार के लिए नियमित संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी शिक्षकों और कर्मियों से कर्तव्यों का पालन करने और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने का आह्वान किया।

मौजूदा प्राचार्य प्रो. दिवाकर प्रसाद ने पूर्व प्राचार्य प्रो. रत्ना अमृत के योगदान को सराहा। उन्होंने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेमिनार हॉल आने वाले समय में ज्ञान, विचार और संवाद का केंद्र बनेगा। और यहां से नई पीढ़ी को दिशा मिलेगी। उन्होंने आशान्वित होकर पूरे विश्वास से कहा कि इस संस्थान की गरिमा नई ऊंचाइयों और नए मुकाम को हासिल करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस सभागार की हर दीवारें उनके समर्पण की यादें ताजा करती रहेंगी। और उनकी स्मृतियां सदा इस संस्थान से जुड़ी रहेंगी।

अपने विदाई उद्बोधन में प्रो. रत्ना अमृत ने बी. डी. कॉलेज की मधुर स्मृतियों को साझा किया। उन्होंने कहा कि यहां के कर्मियों को केवल मार्गदर्शन की आवश्यकता थी, उसके मिलते ही सभी ने अपने कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने कुछ कार्यों का भी जिक्र किया।
समारोह के अन्य वक्ताओं में प्रो. अरुण कुमार सिंह, प्रो. श्यामा रॉय, प्रो. सीता सिन्हा शामिल थीं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राहुल अमृतराज और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अपराजिता ने किया। इस मौके पर लेखापाल रवि रंजन ने भी अपने विचार रखे।
ब्यूरो रिपोर्ट दूसरा मत
