July 7, 2026

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इस संगोष्ठी का निष्कर्ष शिक्षा नीति के बेहतर क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होगा : दिवाकर प्रसाद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आलोक में भारतीय ज्ञान परंपरा का पुनर्जीवन भारत के लिए एक वरदान है : प्रो रणवीर नंदन

 

07 जुलाई 2026 को बी डी कॉलेज, मीठापुर, पटना में भारतीय भाषा दिवस के सप्ताह व्यापी कार्यक्रम के अंतर्गत बी डी कॉलेज, मीठापुर एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास दक्षिण बिहार के साझा तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परम्परा : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के परिप्रेक्ष्य में’ विषय पर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रख्यात शिक्षाविदों के साथ ही संस्थान के प्राध्यापक, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शोधार्थी और छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा प्रणाली में शामिल करने पर गहन विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रो. अरुण कुमार सिंह ने अपने बीज वक्तव्य में विषय की पृष्ठभूमि साझा की। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत का गौरव नहीं है, बल्कि इसमें भविष्य की वैश्विक समस्याओं के समाधान छिपे हैं। एनईपी 2020 हमें अपनी जड़ों से जुड़ने और एक आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का ऐतिहासिक अवसर देती है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की कार्यशैली एवं पृष्ठभूमि के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य वक्ता प्रो. रणवीर नंदन ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विज्ञान, गणित, दर्शन और पर्यावरण के क्षेत्र में भारत का प्राचीन ज्ञान अत्यंत समृद्ध रहा है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से इस पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक पाठ्यक्रम के साथ जोड़कर छात्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. के. सी. सिन्हा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और मानवीय मूल्यों को जगाना है। भारतीय ज्ञान परंपरा में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना निहित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सही मायने में तभी सफल माना जाएगा जब हमारे युवा वैश्विक स्तर पर भारतीय मूल्यों के साथ नेतृत्व करेंगे।

कार्यक्रम का संयोजन डॉ कविता परमार जी एवं संचालन डॉ. हरीश दास ने किया।

कार्यक्रम के समापन पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दिवाकर प्रसाद ने धन्यवाद पेश किया। उन्होंने मुख्य अतिथियों, वक्ताओं, आयोजक समिति, शोधार्थियों और मीडिया कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस संगोष्ठी का निष्कर्ष शिक्षा नीति के बेहतर क्रियान्वयन में मील का पत्थर साबित होगा।

इस अवसर पर प्रतियोगिता प्रकल्प के राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ संदीप सागर, खगौल के सुप्रसिद्ध वरीय चिकित्सक एवं समाज सेवी डॉक्टर सुशील कुमार सिंह, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य अजय कुमार यादव, नगरनौसा कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय कुमार, इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक कीर्ति विक्रम, सह संयोजक डॉ सुशील कुमार सिंह, बी डी कॉलेज के प्राध्यापक डॉ विनोद कुमार, प्रो शत्रुघ्न सिंह, डॉ हनुमंतेश्वर, डॉ अनिल कुमार, डॉ लाडली कुमारी, डॉ विनीता तिवारी डॉ गरिमा, डॉ राजीव, डॉ वीरेंद्र मंडल के साथ साथ न्यास से आकाश मोदी, आर्यन प्रकाश एवं कुंदन कुमार आदि की मौजूदगी रही।

 

ब्यूरो रिपोर्ट दूसरा मत

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